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आधुनिक राज्यों में लोक प्रशासन का महत्व

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B. A. III, Political Science I प्रश्न 4. आधुनिक राज्यों में लोक प्रशासन की भूमिका का वर्णन कीजिए। अथवा '' लोक-कल्याणकारी राज्य में लोक प्रशासन की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। अथवा '' आधुनिक लोक-कल्याणकारी राज्य में लोक प्रशासन के बढ़ते महत्त्व पर प्रकाश डालिए। अथवा '' वर्तमान समय में लोक प्रशासन के क्षेत्र में वृद्धि के कारण बताइए। उत्तर - द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् लोक-कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के सशक्त होने के कारण राज्य के कार्यों में अत्यधिक वृद्धि हुई और इसके साथ ही लोक प्रशासन का क्षेत्र भी बढ़ गया। विकासशील देशों में तीव्र राजनीतिक , आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन हुए। प्रशासन द्वारा आर्थिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने पर बल दिया जाने लगा। परिणामस्वरूप विकास प्रशासन को भी लोक प्रशासन का एक महत्त्वपूर्ण अंग स्वीकार किया गया। प्रशासनिक क्रियाओं के बढ़े हुए कार्यक्षेत्र ने लोक प्रशासन को बहुआयामी बना दिया है। आधुनिक राज्य व्यक्ति के जीवन में इतना समा गया है कि आज राज्य के बिना व्यक्ति का जीवन न तो सुरक्षित है और न ही उसका विकास सम्भव है।

फ्रांस की न्याय व्यवस्था - निबन्ध

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B. A. II, Political Science II प्रश्न 19. फ्रांस की न्यायिक व्यवस्था की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। अथवा   '' फ्रांस की न्याय व्यवस्था पर एक निबन्ध लिखिए। उत्तर - फ्रांस की 1789 ई. की राज्यक्रान्ति से पूर्व कोई व्यवस्थित न्यायपालिका नहीं थी। समय-समय पर राजाओं द्वारा स्वेच्छा से कानून लागू किए जाते थे और वे स्थानीय परम्पराओं पर आधारित होते थे। उनमें एकरूपता का अभाव था। क्रान्ति के पश्चात् भी इस स्थिति में कोई महत्त्वपूर्ण सुधार नहीं हुआ। जब फ्रांस का शासन नेपोलियन बोनापार्ट के हाथों में    आया , तो उसने कानूनों को एकरूपता प्रदान करने के लिए एक संहिता का निर्माण करवाया , जो ' नेपोलियन कोड ' के नाम से विख्यात है। ' नेपोलियन कोड ' को फ्रांस की न्याय व्यवस्था का आधार कहा जाता है। फ्रांस में न्यायालयों का संगठन फ्रांस में पाँच प्रकार के न्यायालयों की व्यवस्था की गई है (1) सामान्य न्यायालय- सामान्य न्यायालय जन-साधारण से सम्बन्धित विवादों पर न्याय प्रदान करते हैं। इन न्यायालयों का संगठन अग्र प्रकार है (i) शान्ति न्यायाधीश के न्यायालय ये सामान्य न्याय

फ्रांस के राष्ट्रपति - शक्ति एवं कार्य

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B. A. II, Political Science II प्रश्न 18. फ्रांस के राष्ट्रपति की शक्तियों एवं कार्यों का वर्णन कीजिए। अथवा '' फ्रांसीसी राष्ट्रपति की शक्तियों व उसकी स्थिति की व्याख्या कीजिए। उत्तर - फ्रांस के तृतीय तथा चतुर्थ गणतन्त्र के संविधान में राष्ट्रपति मात्र संवैधानिक प्रधान था , जो अपने देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित मात्र करता था। उसके पास अपनी कोई वास्तविक शक्ति नहीं थी। इस पद की निर्बलता के कारण ही ऑग ने उसे यरोपीय राजनीति की एक विलक्षणता ' कहा था। अतः अनेक कमियों को दूर कर राष्ट्रपति को वास्तविक प्रधान बनाने हेतु जनरल दि गॉल ने एक नये संविधान का निर्माण किया , जिसे 4 अक्टूबर ,1958 को लागू किया गया , जिसे पंचम गणतन्त्र अथवा नवीन संविधान के रूप में जाना जाता है। इस संविधान में दि गॉल ने इस बात पर जोर दिया कि देश में एकता तथा स्वच्छ शासन के निर्माण हेतु एक शक्तिशाली राष्ट्रपति का होना नितान्त आवश्यक है , जो न कि तृतीय तथा चतुर्थ संविधान के समान संवैधानिक प्रधान हो , वरन् संवैधानिक तथा व्यावहारिक , दोनों ही प्रधान हो । अत: नवीन संविधान के अन्तर्गत राष्ट्रपति को व्यापक

फ्रांस का संविधान

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B. A. II, Political Science II  प्रश्न 17. फ्रांस के पंचम गणतन्त्र के संविधान की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए। उत्तर - फ्रांस के वर्तमान संविधान की रचना सन् 1958 में हुई थी। इसे जनरल दि गॉल के नेतृत्व एवं निर्देशन में निर्मित किया गया था। इसे चतुर्थ गणतन्त्र के सन् 1946 के संविधान के स्थान पर लागू किया गया। इस संविधान ने देश को स्थायित्व प्रदान किया और फ्रांस तेजी से शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभरने लगा। फ्रांस के पंचम गणतन्त्र के संविधान की विशेषताएँ फ्रांस के पंचम गणतन्त्र के संविधान की प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं (1) लिखित संविधान विश्व के अन्य देशों के संविधान की भाँति फ्रांस का संविधान भी लिखित एवं निर्मित है , जिसमें 95 धाराएँ थीं। इसमें धारा 90 से लेकर धारा 95 तक संक्रमणकालीन प्रावधान के रूप में थीं। संक्रमणकालीन प्रावधान से जुड़ी इन धाराओं के अब अप्रासंगिक हो जाने के कारण वर्ष 2002 में इन धाराओं को संविधान से हटा दिया गया है। इस प्रकार अब फ्रांस के संविधान में 89 धाराएँ तथा 16 अध्याय हैं । यह सन् 1946 के संविधान से संक्षिप्त , किन्तु अमेरिका के स

स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष लोकतंत्र

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B. A. II, Political Science II प्रश्न 16. “ स्विट्जरलैण्ड प्रजातन्त्र ( लोकतंत्र)  का घर है।" विवेचना कीजिए। अथवा '' स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र  ( लोकतंत्र)  की सफलता के क्या कारण हैं ? अथवा '' स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र  ( लोकतंत्र)  के उपकरणों का मूल्यांकन कीजिए। अथवा '' स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र  ( लोकतंत्र)  की संस्थाओं के कार्यकरण पर एक निबन्ध लिखिए। अथवा "स्विट्जरलैण्ड प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र  ( लोकतंत्र)  की जन्मभूमि है।" इस कथन की व्याख्या कीजिए। अथवा '' स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र  ( लोकतंत्र)  के सफल संचालन के कारणों की विवेचना लिखिए। कीजिए। उत्तर-  प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र  ( लोकतंत्र)  से अभिप्राय प्रजातन्त्र शासन , जिसमें शासन किसी वर्ग विशेष में न रहकर सभी व्यक्तियों अर्थात् समाज में निहित रहता है , दो प्रकार का हो सकता है (1) प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र  ( लोकतंत्र) , तथा ( 2) अप्रत्यक्ष प्रजातन्त्र  ( लोकतंत्र)  । जहाँ अप्रत्यक्ष प्रजातन्त्र में प्रतिनिधियों के माध्